लॉक डाउन दौरान मध्यमवर्ग की परेशानी बढ़ी
देश में जब से लोग डॉन हुआ है मध्यमवर्ग की परेशानी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है इसका मुख्य कारण है अधिकतर मध्यवर्गीय लोग अपना रोजगार बहुत छोटे स्तर पर करते हैं जिससे कि वह रोज कमाते हैं और रोज खाते हैं और कुछ लोग प्राइवेट काम करके अपना जीवन यापन चलाते हैं उनकी मजबूरी है गरीबी रेखा को पटने वाला राशन की लाइट में खड़ा नहीं हो सकता उसकी मजबूरी है और ना ही फोन पर अपने लिए सरकारी राशन ले सकते कुछ लोग तो ऐसे हैं जिन्होंने लोन लेकर अपना मकान बनाया है वह उसकी एम आई का जरिया किराए पर मकान लेकर बनाया है वैसे तो इस महामारी में लॉक डाउन होना अनिवार्य क्योंकि इस बीमारी से ब्लॉक डाउन होकर ही बचा जा सकता है ऐसे मे जो अपना काम रोज का करते हैं उनके लिए काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा है क्योंकि पैसा आ नहीं रहा जिससे वो अपनी जीवन यापन कर सके